जर्जर मकान नहीं हटाया तो हादसे की जिम्मेदारी मालिक की; नगर पालिका ने शुरू किया सर्वे

कवर्धा। शहर में जर्जर और पुराने भवन अब नगर पालिका के निशाने पर हैं। टीम ने अलग-अलग इलाकों में ऐसे मकानों का निरीक्षण शुरू कर दिया है, जिनकी कमजोर दीवार, छत या दूसरी संरचनाएं कभी भी हादसे का कारण बन सकती हैं। खतरनाक पाए जाने वाले भवनों के मालिकों को नोटिस देने की तैयारी है।
नगर पालिका के मुताबिक कई पुराने भवनों की हालत मौके पर बेहद खराब मिली है। टीम ने मकानों की दीवार, छत और पूरी संरचना की स्थिति देखी। ऐसे भवनों को सुरक्षा की दृष्टि से हटाना जरूरी माना जा रहा है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नारायण साहू ने बताया कि टीम ने संबंधित मकान मालिकों को जर्जर भवन तत्काल डिस्मेंटल कर हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही साफ कर दिया गया है कि भवन की खराब हालत के बावजूद उसे नहीं हटाया गया और बाद में दुर्घटना, जनहानि या संपत्ति का नुकसान हुआ तो जिम्मेदारी संबंधित मकान मालिक की होगी।
नगर पालिका अब शहर के पुराने और क्षतिग्रस्त भवनों का सर्वे कर रही है। भीड़भाड़ वाले इलाके, स्कूल, बाजार और व्यावसायिक परिसरों को प्राथमिकता दी जा रही है। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले भवन मालिकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका ने लोगों से अपील की है कि आसपास कोई जर्जर या खतरनाक भवन दिखाई दे तो इसकी सूचना नगर पालिका कार्यालय, उप अभियंता या राजस्व विभाग को दें।



